ठाकुरद्वारा में आदमखोर तेंदुए का बढ़ा आतंक: धान के खेत में महिला को उतारा मौत के घाट, 20 दिनों में तीसरी बली

मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश): मुरादाबाद जनपद का ठाकुरद्वारा क्षेत्र इन दिनों वन्य जीवों के खौफनाक साय में जीने को मजबूर है। क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए का आतंक लगातार गहराता जा रहा है। ताजा दिल नहला देने वाली घटना ग्राम बहापुर बलिया की है, जहां खेत में धान की नलाई कर रहे एक दंपति पर तेंदुए ने अचानक हमला बोल दिया। इस हमले में मिथलेश देवी नामक महिला गंभीर रूप से जख्मी हो गईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

प्रत्यक्षदर्शी मृतका के पति बृजपाल सिंह के मुताबिक, वे दोनों अपने खेत में काम में व्यस्त थे कि तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक मिथलेश देवी पर हमला कर दिया। उनके शोर मचाने पर जब तक ग्रामीण बचाव के लिए खेत की ओर दौड़े, तब तक तेंदुआ महिला को बुरी तरह लहूलुहान कर चुका था। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे गांव में शोक और भीषण दहशत का माहौल व्याप्त है।

20 दिनों में 3 जिंदगियां खत्म, 10 से ज्यादा घायल
ठाकुरद्वारा इलाके में हालात इतने खौफनाक हो चुके हैं कि पिछले महज 20 दिनों के भीतर तेंदुआ तीन महिलाओं को अपना शिकार बना चुका है। इसके अलावा दर्जनभर से अधिक ग्रामीण तेंदुए के हमलों में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। खेतों में काम करने जाने वाले किसान अब अपनी जान हथेली पर रखकर जाने को मजबूर हैं।

वन विभाग के दावों पर उठे गंभीर सवाल

घटना के बाद से आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग के खिलाफ चरम पर है। वन विभाग का कहना है कि उनकी टीमें प्रभावित इलाकों में मुस्तैद हैं और अब तक 10 तेंदुओं को पकड़कर रेस्क्यू किया जा चुका है। हालांकि, ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि विभाग की कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है। 10 तेंदुओं के पकड़े जाने के बाद भी हमलों का सिलसिला न थमना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आदमखोर तेंदुए को तुरंत ट्रैंकुलाइज़ करने और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।

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